कंप्यूटर वायरस (Computer Virus) क्या है। इनसे कैसे बचे।

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दोस्तों, आपने Computer Virus के बारे में जरूर सुना होगा।आपके मन में भी कभी न कभी ये प्रश्न जरूर आता होगा किआखिर Computer Virus क्या है? Computer Virus शुरू कब हुए और कैसे ये आज इतने बढ़ चुके है? और हमारे कंप्यूटर सिस्टम को कैसे इनसे खतरा है?

आखिर कैसे अपने कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल और बाकी डिवाइसेस को कैसे इनसे बचा सकते है?
यदि आपको भी नहीं पता इन सवालो का उत्तर तो चिंता करने की कोई बात नहीं है,
आज का हमारा ब्लॉग इसी बारे में है| चलिए शुरू करते हैै।
 

 कंप्यूटर वायरस (Computer Virus) क्या है।


कंप्यूटर वायरस 80 के दशक में फैलना शुरू हुआ। शुरुआत में जब इतना इंटरनेट का भी इतना प्रचलन नहीं था। तब वायरसFlopy Driveके जरिये फैलता था। कहने का मतलब ये है किफ्लॉपी ड्राइवको किसी भी कंप्यूटर के लगाया जाता था 

और फ्लॉपी में कोड होता था। वो कोड किसी दूसरे कंप्यूटर सिस्टम से अटैच होता था और कंप्यूटर में लगते ही एक्टिवेट हो जाता था और अपना काम शुरू कर देता था कुछ इस तरह से वायरस फैलना वायरस के फैलने का शुरुआती दौर था

VIRUS का फुल फॉर्म :- VIRUS = VITAL INFORMATION RESOURCES UNDER SEIZE
होता है
आज जैसे-जैसे हम डिजिटल बन रहे है। ठीक उसी तरह वायरस के भी फैलने का तरीका भी डिजिटल बन रहा है। आज के समय में बहुत से छोटे बड़े वायरस इंटरनेट पर उपलब्ध है चलिए समझते है कि ये कैसे आपके सिस्टम को नुकसान पहुँचता है। 
उदहारण के तौर पर :- जैसे भी आप किसी प्रोग्राम को रन करेंगे वैसे ही वायरस का कोड Activte हो जायेगा और आपके कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद किसी दूसरे प्रोग्राम को नुकसान पहुचायेगा 
यदि आप उस प्रोग्राम को बार बार यूज़ करेंगे या दूसरी भाषा में कहे तो आपको उस प्रोग्राम हो यूज़ करते करते 20-25 दिन हो गए है

अब वो प्रोग्राम आपको एक Error मेसेज शो करेगा और धीरे धीरे आपके पुरे कंप्यूटर सिस्टम को इफ़ेक्ट कर देगा | 

आज के समय में बहुत सारे वायरस इंटरनेट के कोई Unsecure फाइल डाउनलोड करने में, ऑनलाइन किसी Unsecure website को विजिट करने पर भी बहुत तेजी से फैलते है। और वायरस हमारे सिस्टम में Email के जरिये भी आ सकते है।

जैसे:- आपके Email अननोन लिंक आया और अपने उस लिंक को क्लिक किया फिर वायरस कोड को एक्टिवेट हो जायेगा इस तरह से भी वायरस फ़ैल सकता है।

आमतौर की भाषा में मैंने आपको जैसे बताया की जिस तरह से हम डिजिटल हो रहे है। ठीक उसी तरह वायरस के फैलने के नए नए तरीके भी खोजे जा रहे है।

और काफी हद तक होता है। कि वायरस आपके डेटा को भी चुराए और अपने डेवलपर के पास भेजे और कही न कही ये भी संभव है की आपके डेटा को भेजा जा सकता है। जैसे की मैंने आपको बताया की वायरस के फैलने के नए नए तरीके भी खोजे जा रहे है।

ठीक उसी तरह इनसे बचने के भी उपाय आज के दौर में मौजूद है। जिन्हे हम एंटीवायरस कहते है कुछ एंटी-वायरस फ्री और कुछ पेड होते है। जहा तक मेरी राय है मैं आपको हमेशा एक पेड एंटी-वायरस ही रिकमेंड करूँगा क्युकी

यह पर आपके सिस्टम और आपके डेटा की Security की बात है फ्री एंटीवायरस हो सकता है कि वो भी आपके डेटा को चुराए और बाद में बेच भी दे . 

 कंप्यूटर वायरस का इतिहास

पहला कंप्यूटर वायरस, जिसे “Creeper system” कहा जाता है, 1971 में पहली बार लोगो की नजर में आया ये एक प्रायोगिक आत्म-प्रतिकृति वायरस था। 
यदि आपका कंप्यूटर काम नहीं कर रहा है तो भी ये आपके कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव को भर रहा था यह वायरस अमेरिका में BBN technology द्वारा बनाया गया था।

MS-DOS के लिए पहला कंप्यूटर वायरस “Brain” था और यह 1986 में पहली बार लोगो की नजर में आया। 
यह फ्लॉपी डिस्क पर बूट सेक्टर overwrite कर देता था और हमारे कंप्यूटर सिस्टम को बूट करने से रोक देता है।

यह पाकिस्तान के दो भाइयों द्वारा बनाया गया था और इसे मुख्य रूप से copy protection को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

Morris” पहला कंप्यूटर वायरस था जो 1988 में बड़े पैमाने पर फैल गया था। यह Cornell University के Graduate student रॉबर्ट मॉरिस द्वारा बनाया  गया था, 
जो इंटरनेट के आकार को निर्धारित करने के लिए इसका उपयोग करना चाहते थे।

उनके नजरिये से देखा जाये तो कमजोर पासवर्ड की जगह Sendmail and other Unix applications किया जाना था। 
लेकिन एक प्रोग्रामिंग गलती के कारण यह बहुत तेजी से फैल गया। 
और जब लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल करते थे तो इस वायरस ने हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया।

इसने 15 घंटों में लगभग 15,000 कंप्यूटरों को संक्रमित किया था, जो अब तक इंटरनेट के अधिकांश थे।

1991 में “Michel angelo” वायरस पहली बार ऑस्ट्रेलिया में खोजा गया था। यह हर साल 6 मार्च तक Inactive हो जाता था 
एक रिपोर्ट के अनुसार इससे 20,000 कंप्यूटर संक्रमित बताए गए थे ।
1998 में, CIH जारी किया गया था। इसने लगभग 60 मिलियन कंप्यूटरों को संक्रमित कर दिया था और Important system files को Overwrite करके बड़े नुकसान का कारण बना। इसे ताइवान के एक छात्र ने बनाया था।

1999 में, “Melissa” नामक वायरस मिला। यह पहला माइक्रो वायरस था जो बहुत तेजी के साथ फैला। यह ईमेल के माध्यम से फैलाया गया था 
और अपने आप ये आउटलुक एड्रेस बुक, पहले 50 लोगों को भेज देता था। लेकिन इसने कंप्यूटर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। 

इसके कारण बहुत अधिक ईमेल ट्रैफ़िक हुआ, जिससे ईमेल सर्वर क्रैश हो गए थे।
2000 को  Ilovoy” का साल था। यह ईमेल के माध्यम से आता था, हालांकि इसने खुद को अपने आप आपके सभी संपर्कों को भेज देता था। 
इसने कार्यालय, छवि और ऑडियो फाइलों को भी Overwrite  कर दिया था। यह वायरस फिलीपींस से आया था और

10 दिनों से इसने कम समय में 50 मिलियन से अधिक कंप्यूटरों से संक्रमित हो गया था। तब ज्यादातर कंपनियों ने वायरस को फैलाने से रोकने के लिए अपने ईमेल सर्वर को बंद करने का फैसला किया था।

2000 के बाद से, दुनिया में बड़े पैमाने पर कहर बरपाने ​​के लिए कई नए वायरस पाए गए हैं जिसकी लिस्ट नीचे दी गयी है। सबसे बदनाम वायरस  को बताना मुश्किल है। “Ana Kournikova”, Code Red, Nimba, Beast, SQL Slammer, Blaster, Sobig, Sober, Mydoom, Netsky, Zeus, Conficker, Stuxnet, Cryptocurrency, Lockie, Mirai, and Wonseri कुछ उदाहरण हैं।

 कंप्यूटर वायरस के प्रकार

  • 1)   Boot Sector Virus.
  • 2)  Direct Action Virus.
  • 3)  Resident Virus.
  • 4)  Multipartite Virus.
  • 5)  Polymorphic Virus.
  • 6)  Overwrite Virus.
  • 7)  Space-filler Virus.
  • 8)  File Infector Virus.

v  Boot Sector Virus:- 

   बूट सेक्टर वायरस मास्टर बूट रिकॉर्ड को संक्रमित कर देता था और यह ज्यादातर removable media के माध्यम से फैलता था। इस वायरस को हटाना एक कठिन काम था

v  Direct Action Virus:-

डायरेक्टएक्शन वायरस कंप्यूटर पर तब निष्क्रिय होता है जब आप वायरस युक्त फाइल यूज़ करना बंद कर देते है।

 v  Resident Virus.:-

       रेजिडेंट वायरस, कंप्यूटर सिस्टम की मेमोरी में खुद को सम्मिलित हो जाता है। इस वायरस  की पहचान करना कठिन है, और इसे हटाना भी उतना ही कठिन है।

v  Multipartite Virus:-

 मल्टीपार्टी वायरस कई तरीकों से फैलता है। यह वायरस प्रोग्राम फाइल और सिस्टम सेक्टर दोनों को संक्रमित करता है

v  Polymorphic Virus:-  

एक पॉलीमॉर्फिक वायरस अपने हस्ताक्षर पैटर्न को बदलने में अधिक सक्षम होता है, यह बार बार ऐसा करता रहता है जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

v  Overwrite Virus:- 

जैसा कि नाम से पता चलता है, एक ओवरराईट वायरस ईमेल के माध्यम से फैलता है और यह फाइल को संक्रमित करता है और उन फाइलों को हटा देता है।

v  Spacefiller Virus:-  

स्पेसफिलर वायरस को cavity virus के रूप में भी जाना जाता है; यह codes के बीच की खाली जगह घेरता है। लेकिन यह फाइलों को नुकसान नहीं पहुंचाता है।

v  File Infector Virus:- 

 फ़ाइल इनफ़ेक्टर वायरस कोparasitic virus के रूप में भी जाना जाता है  क्योंकि यह प्रोग्राम फ़ाइलों से जुड़ा हुआ होता है, जैसे .COM .EXE फाइलें। फ़ाइल  इंफ़ेक्टर वायरस का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप वायरस डिटेक्टर सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते है।

 दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस 

आज हम आपको ऐसे कुछ वायरस के बारे में बताते है। जिन्होंने इंटरनेट की दुनिया में अच्छे अच्छो के छक्के छुड़ाए है।
·        Blaster
·        Slammer
·        Nimda
·        Code Red
·        ILOVEYOU
·        Welchia
·        Commwarrior-A
·        Code Red
·        The Morris Worm
·        Elk Cloner
·        Creeper

कंप्यूटर वायरस के लक्षण

यदि आपके कंप्यूटर सिस्टम में वायरस गया है तो कैसे इसकी पहचान करे।
  •     पॉप-अप खुद से स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है
  •     app/software अपने आप चल रहे हैं
  •     Automatic Multiplication / Duplicate Files कंप्यूटर सिस्टम में आ गयी है।
  •     कंप्यूटर पर unknown files and applications आ जाएंगी।
  •     फाइल  deleted or corrupted हो रही हैं    

जब उपयोगकर्ता इनमें से कोई भी लक्षण देखने को मिलता है, तो संभावना है कि आपका   कंप्यूटर, कंप्यूटर वायरस से संक्रमित है। इनसे बचने के लिए और वायरस को हटाने के लिए कंप्यूटर पर आपको एंटीवायरस का यूज़ करे।  

एंटीवायरस को कंप्यूटर वायरस जैसे खतरों से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यहां मैंने उन चीजों की एक लिस्ट दी  है जो एक यूजर को करने की आवश्यकता है

    यदि आपके कंप्यूटर सिस्टम में वायरस जाये तो क्या करे?

      सबसे पहले अपने कंप्यूटर को इंटरनेट से Disconnect करें।  

      फिर अपने कंप्यूटर को Safe mode में रखेयह केवल जरुरी software और फाइल को चलने को अनुमति देता है।  
      Disk space को खाली करे और सभी Temporary files को हटा दें। फिर वायरस स्कैनर चलाएं।

      Anti-virus

      मैं आपको कुछ ऐसे एंटी वायरस के बारे में बताएंगे जिसे आप अपने कंप्यूटर और पी० सी० में यूज़ कर सकते है और अपने सिस्टम की सुरक्षा कर सकते है। इनमे से कुछ एंटीवायरस  फ्री और कुछ के आपको पैसे देने होंगे।

      फ्री एंटीवायरस में और पेड एंटीवायरस के बिच में मैं आपको हमेशा पेड एंटीवायरस को यूज़ करने सलाह दूंगा क्युकी फ्री एंटीवायरस में आपको पूरी तरह Security नहीं मिलेगी।

      Free Anti-virus

      Avira, Avast, AVG, bit-defender, Kaspersky, Malwarebytes, Panda, Sophos.

      Avira,                                              8/10
      Avast,                                             7.5/10
      AVG,                                               7.5/10
      Bitdefender,                                    9.5/10
      F-secure,                                         9/10
      Symantec Norton,                             9.5/10
      Kaspersky,                                        9/10
      Emsisoft,                                          9.5 or 10/10
      McAfee,                                            6/10
      Windows Defender,                           7/10
      ESET,                                                8.5/10
      Panda 8,                                           8/10
      Trend micro,                                     8.5/10
      Quick-heal                                       8/10
      Bull Guard & G-data                         8.5/10
      Vipre,                                                9/10
      Malware bytes,                                  8/10
      Hitman Pro & Super antispyware,       8/10
      Zemana,                                            9/10
      SmadAV                                             9/10
      आप एंटीवायरस के सामने दी गयी Ratings को देखकर बहुत अच्छे से चुन सकते है कि आपके लिए कौन सा Anti-virus सबसे अच्छा है।
        

      निष्कर्ष:-

      आज हमने भी जाना कि  कंप्यूटर वायरस (Computer Virus) क्या है। इनसे कैसे बचे, Antivirus for your computer or pc, वायरस से अपने कम्प्यूटर सिस्टम को कैसे बचाये, कंप्यूटर वायरस के प्रकार और भी बहुत कुछ ” उम्मीद करते है कि आज कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

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      मेरा नाम रोहित शुक्ला है. मैं एक Blogger, Affiliate marketer और Rohitking.com का फाउंडर हु. यहाँ मैं आपको Tech, Blogging, Affiliate marketing, Stock market, SEO, Adsense, Social media marketing से जुड़ी जानकारी हिंदी भाषा में प्रदान करता हूँ.💥 🙏

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