ग्रिड कंप्यूटिंग क्या है? What is Grid computing in Hindi

हेलो दोस्तों कैसे है आप सब आज कि पोस्ट में हम बात करने वाले है कि ग्रिड कंप्यूटिंग क्या है (What is Grid computing in Hindi), ये कैसे काम करती है?

ग्रिड कंप्यूटिंग क्या है? (What is Grid computing in Hindi)

ग्रिड कंप्यूटिंग एक नेटवर्क में मौज़ूद कंप्यूटरों का एक समूह है जो बड़े कार्यों को करने के लिए Virtual supercomputer के रूप में एक साथ काम करता है, ग्रिड कम्प्यूटिंग में एक नेटवर्क से जुड़े कई कंप्यूटर किसी टास्क को पूरा करने के लिए एक साथ काम करते है

जो शायद एक सिंगल मशीन के लिए बहुत मुश्किल होता है Virtual supercomputer की तरह कार्य करने के लिए उस नेटवर्क पर सभी मशीनें एक ही प्रोटोकॉल के अधीन काम करती हैं। वे जिस टास्क पर काम करते हैं, उसमें विशाल dataset और simulating situations या मौसम का विश्लेषण(Analysis) करना शामिल है. नेटवर्क से जुड़े सभी कंप्यूटर आपस में resources शेयर करते है जैसे प्रोसेसिंग पावर और storage capacity.

नेटवर्क पर एक वर्चुअल सुपर कंप्यूटर में मशीनें शामिल होती हैं जैसे कुछ बस, ईथरनेट या इंटरनेट. इसे आप Parallel Computing की तरह मान सकते है जहाँ एक ही मशीन पर कई सीपीयू कोर के बजाय, इसमें अलग अलग स्थानों पर फैले कई कोर होते हैं।

क्लाउड के माध्यम से, आप किसी विशेष समय और कारण के लिए Computer grid को इकट्ठा और उपयोग कर सकते है और आवश्यक संसाधनों(resources) को खरीदने और तैनात करने के समय और खर्च दोनों को बचा सकते है जैसा कि आप जानते होंगे कि कई मशीनों पर कार्यों को बांटने से प्रोसेसिंग टाइम कम हो जाता है जिससे उनकी क्षमता बढ़ती है और साथ ही व्यर्थ संसाधनों(resources) में कमी भी आती है

ठीक इसके विपरीत ग्रिड कंप्यूटिंग में प्रोजेक्ट में आम तौर पर कोई भी निर्भरता नहीं होती है जब भी ऑपरेटर और idle कोई ऐसा काम करते है जो ग्रिड से सम्बंधित नहीं है तब वे केवल उन्ही कंप्यूटर का उपयोग करते हैं जो ग्रिड का हिस्सा होते हैं

कंप्यूटर ग्रिड का उपयोग करते समय हमे एक बार सुरक्षा पर विचार जरूर करना चाहिए क्योंकि member nodes पर आपका कण्ट्रोल आमतौर पर बहुत कम होता हैं। Redundancy बनाया जाना चाहिए क्योंकि प्रोसेसिंग के दौरान कई कंप्यूटर डिस्कनेक्ट या फेल हो सकते हैं।

ग्रिड कंप्यूटिंग कैसे काम करती है? (How Grid computing works in hindi)

जब कंप्यूटर control node को resources को एक्सेस करने के लिए एक रिक्वेस्ट भेजता है तब control node नेटवर्क में मौजूद resources का एक्सेस यूजर को देता है अब यूजर इसे यूज़ कर सकता है जब उसे इसका यूज़ नहीं होता है

तब वह resources को पुनः नेटवर्क को प्रदान कर देता है इसलिए एक सामान्य कंप्यूटर, यूजर या प्रोवाइडर की जरूरतों के आधार पर नोड पर स्विंग करता है।

नोड्स में एक जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) वाली मशीन एक जैसे प्लेटफॉर्म पर होती है, जिन्हें Homogenous networks कहा जाता है, अन्य मशीने अलग अलग प्लेटफॉर्म के साथ अलग अलग ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) पर रन होती है जिसे Heterogenous networks कहते है

ग्रिड कंप्यूटिंग का उपयोग करते समय एक कंप्यूटर होता है जिसे सर्वर कहा जाता है जिसे प्राथमिक कंप्यूटर के रूप में जाना जाता है, जो सभी कार्यों को करता है और सभी प्रकार के डेटा को इकट्ठा करता है यदि ग्रिड पर किसी सिस्टम के पास करने के लिए बड़े टास्क है तो यह उस काम को कई मॉड्यूलों में बांटता है वे अलग अलग होते है और साथ ही प्रोग्राम की गति को बनाये रखते है

उसके बाद उन मॉड्यूल को एक ढंग से व्यवस्थित किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन से मॉड्यूल को किस सिस्टम द्वारा स्वतंत्र रूप से execute किया जा रहा है और फिर इन मॉड्यूल को प्रॉपर execution के लिए अलग-अलग मशीन में भेजा जाता है।

अंत में रिजल्ट दुबारा से पुरानी मशीन में भेजे जाते है जहाँ पर उन्हें दुबारा से सिंगल टास्क के रूप में इकट्ठा किया जाता है पुरानी मशीन का मतलब जहा से इसके प्रोसेस की शुरुआत हुई थी यह ग्रिड कंप्यूटिंग का कांसेप्ट हमारे लिए नया नहीं है क्योंकि हम पहले से ही Distributed computing सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं

जिसमें एक ही नेटवर्क के अंदर कई सारे अलग-अलग कंप्यूटर जानकारी शेयर करते हैं, लेकिन यदि हम ग्रिड कंप्यूटिंग की तुलना इससे करे तो ग्रिड कंप्यूटिंग में शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर में हर resource को शेयर किया जाता है

यदि हम सही उपयोग करते हैं तो हम इसे local मशीन के resources की तरह यूज़ कर सकते हैं जिसमें ग्रिड में हर एक कंप्यूटर स्टोरेज तक पहुँच सकता है 

और यहाँ तक कि बड़ी प्रोसेसिंग पावर का लाभ भी उठा सकता है। अभी कंप्यूटर प्रोफेशनल, इंजीनियर और प्रोग्रामर एक Standard protocol बनाने और लागू करने की कोशिश कर रहे हैं और एक बार जब मानक प्रोटोकॉल लागू हो जायेगा और लोग इस पर भरोसा करना शुरू कर देंगे तो कई संगठन और कंपनियों के लिए ग्रि कंप्यूटिंग मॉडल को अपनाना बहुत आसान हो जाएगा।

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Applications of Grid Computing

  • Super distributed computing
  • Systems distributed in real time
  • Specific services
  • The intensive process of data
  •  Virtual collaboration environments

TYPES OF GRID COMPUTING in hindi

Computational grid: इस प्रकार की ग्रिड विशेष रूप से कंप्यूटिंग पावर के लिए resources को बांटने के लिए उपयोग की जाती है।

Scavenging grids: इसका उपयोग Idle server और डेस्कटॉप कंप्यूटर से Machine cycles को खोजने और काटने के लिए किया जाता है जिसका उपयोग resources को मजबूत करने वाले टास्क में किया जाता है

Data grids: यह एक organization के Finance department को एक इंटरफ़ेस प्रदान करता है जिसकी मदद से डाटा को चेक, मैनेज और secure किया जाता है

GRID PROTOCOLS

  • Grid Security Infrastructure (GSI)
  • Grid Resource Allocation and Management (GRAM)
  • Grid File Transfer Protocol (gridftp)
  • Grid Information Services (GIS)

TYPES OF RESOURCES

गणना: ग्रिड पर मशीनों के प्रोसेसर पर पाए जाने वाले कंप्यूटिंग चक्रों का उपयोग

स्टोरेज: क्षमता, प्रदर्शन, sharing, और डेटा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए

संचार: डेटा संचार की क्षमता, प्रदर्शन और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए

सहयोग उपकरण: Conferencing, visualization और डेटा शेयरिंग के माध्यम से सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए

सॉफ़्टवेयर और लाइसेंस: साइट-स्पेसिफिक सॉफ़्टवेयर और लाइसेंस शेयर करने के लिए

स्पेशल उपकरण, क्षमता, आर्किटेक्चर और पालिसी; प्रिंटर, इमेजिंग, सेंसर या दूसरे लोकल स्पेशल resources

What-is-Grid-computing-in-Hindi

GRID TOPOLOGIES

Departmental Grids

  • A लोगों के एक स्पेसिफिक समूह को स्थान देना
  • आम तौर पर, एक ही हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर
  • एक नेटवर्क ज्यादा आउटपुट और ज्यादा प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है

Enterprise Grids

  • एक सिंगल कंपनी और कैंपस में कई ग्रुप को सर्विस देना
  • Resource की विविधता बढ़ती है
  • कंपनी- wide local area network

Extraprise Grids

  • एक विशेष डोमेन के अंदर कई कंपनियों, पार्टनर और कस्टमर को सर्विस देना
  • डोमेन पर आधारित एक प्राइवेट नेटवर्क

Global Grids

  • पब्लिक-इंटरनेट पर स्थापित करना

Advantage of Grid computing in Hindi (ग्रिड कंप्यूटिंग के फायदे)

  1. यह बहुत ही कम समय में ज्यादा कठिन समस्याओं को हल कर सकता है।
  2. यह आसानी से अन्य organisation के साथ गठबंधन कर सकता है।
  3. यह मौजूदा हार्डवेयर का बेहतर उपयोग कर सकता है।
  4. सीपीयू पावर का अधिकतम उपयोग कर सकता है।
  5. ये सस्ते होते है (सुपर कंप्यूटर खरीदने की तुलना में)
  6. CPU से मजबूत कार्यो को प्रोसेस किया जा सकता है (उदा: मौसम पूर्वानुमान के लिए)
  7. ये भरोसेमंद है
  8. यह मॉडल बहुत अच्छा है। इस मॉड्यूल का वातावरण वास्तव में अच्छी तरह से काम करता है।
  9. applications के लिए एक six-figure SMP सर्वर खरीदने की जरुरत नहीं है जो छोटे कमोडिटी-टाइप सर्वर से अलग हो सकते हैं
  10. ग्रिड वातावरण बहुत अधिक मॉड्यूलर हैं और कंप्यूटिंग में फेल होना किसी एक बिंदु पर नहीं हैं।
  11. यह कंप्यूटिंग, अपग्रेड डाउनटाइम शेड्यूल किए बिना फ्लाई पर की जा सकती है।

Disadvantage OF GRID COMPUTING In hindi (ग्रिड कंप्यूटिंग के नुकसान)

  1. ग्रिड कंप्यूटिंग के टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर और मानक अभी भी पूरी तरह विकसित नहीं हुए है।
  2. शुरुआत करने के लिए सीखने की व्यवस्था नहीं है।
  3. Non-interactive नौकरी प्रस्तुत करना।
  4. सभी कार्य ग्रिड के लिए उपयुक्त नहीं हैं
  5. आपको गणना संसाधनों के बीच एक दूसरे से संबंध बनाने की जरुरत होती है।
  6. संसाधनों को साझा करने से जुड़ी राजनीतिक चुनौतियां होती है।
  7. कई समूह संसाधनों को साझा करने से हिचकते हैं, भले ही सभी को लाभ क्यों न हो।
  8. कंप्यूटिंग के नए मॉडलों का पूरा लाभ लेने के लिए Applications को तेज करने की आवश्यकता होती है।

Conclusion

आज हमने ग्रिड कंप्यूटिंग क्या है (What is Grid computing in Hindi), ये कैसे काम करती है? इसके फायदे और नुकसान क्या है?

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मेरा नाम रोहित शुक्ला है. मैं एक Blogger, Affiliate marketer और Rohitking.com का फाउंडर हु. यहाँ मैं आपको Tech, Blogging, Affiliate marketing, Stock market, SEO, Adsense, Social media marketing से जुड़ी जानकारी हिंदी भाषा में प्रदान करता हूँ.💥 🙏

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